होलिका पूजन - Holika Pujan
फाल्गुन पौर्णिमेस साजरी होणारी होळी, तिला हुताशनी पौर्णिमा, शिमगा असे ही म्हणतात. अपप्रवृत्तीचा नाश करून त्यावर विजय मिळवल्याचा हा उत्सव म्हणजे होलीकोत्सव.फाल्गुन महिन्यात पौर्णिमेला येणारा सण म्हणजे ‘होळी.’ देशभरात विविध ठिकाणी हा सण साजरा करण्याची परंपरा, पद्धत वेगळी असली, तरी उत्साह मात्र शिगेला पोहोचलेला असतो. पहिल्या दिवशी होलिका दहन होते. तर दुसऱ्या दिवशी असते धुळवड, ज्याला आपण रंगपंचमी म्हणतो.
| सामुग्री: | ||
| गणपती | हळकुंड 05 नग | ताम्ह्न 03 नग |
| शंख | खडीसाखर 20 ग्रॅम | तांब्याचे तांबे 02 नग |
| घंटी | सुके खोबरे 02 नग | पळी 01 नग |
| हळद 25 ग्रॅम | गुळ 250 ग्रॅम | भांडे ( पंचपात्री ) 01 नग |
| कुंकू 25 ग्रॅम | पंचखाद्य 50 ग्रॅम | स्टिलची ताटे 02 नग |
| गुलाल 25 ग्रॅम | नारळ 04 नग | समई 01 नग |
| अभिर 25 ग्रॅम | तांदुळ 02 किलो | निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग |
| अष्टगंध 25 ग्रॅम | द्रोण 25 नग | पंचामृत 01 वाटी |
| चंदन पावडर 25 ग्रॅम | पंचे 01 नग | नैवेद्य पेढे पाव किलो |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | ब्लाऊज पिस 02 नग | |
| गोमुत्र 01 बाटली | सौभाग्य अलंकार 01 नग | |
| सुतगुंडी 01 नग | मोठा ऊस 01 नग | |
| पंचरंगी धागा 01 नग | विविध प्रकारची सुवासीक फुले ½ किलो | |
| अत्तर 01 बाटली | बेल पत्र 20 नग | |
| जानवी जोड 02 जोड | तुळस 01 जुडी | |
| धुप 50 ग्रॅम | दुर्वा 02 जुडी | |
| माचिस 01 नग | फुलांचे हार 01 नग | |
| कापुर 20 ग्रॅम | आंब्याचे डहाळे 02 नग | |
| तेल वाती 01 नग | गजरे 02 नग | |
| तुप वाती 01 नग | वेण्या 01 नग | |
| तिळाचे तेल ½ लिटर | विड्याची पाने 40 नग | |
| गुलाब पाणी 01 बाटली | फळे 05 नग ( 01 संच ) | |
| गंगाजळ 01 बाटली | केळी 06 नग | |
| अगरबत्ती 01 पुडा | गाईचे तुप 100 ग्रॅम | |
| मोठ्या सुपार्या 20 नग | मध 01 बाटली | |
| बदाम 05 नग | चौरंग 01 नग | |
| खारिक 05 नग | पाट 01 नग | |
| अक्रोड 05 नग | आसने 03 नग |
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