शिवरात्र पूजन - Shivratra Pujan
महाशिवरात्रीच्या दिवशी रात्रीच्या चार प्रहरांत शिवलिंगाची पूजा करणे अत्यंत शुभ मानले जाते. प्रत्येक प्रहरात अभिषेक आणि पूजा करणे शक्य असल्यास अधिक फलदायी ठरते.पूजेमुळे भगवान शिव प्रसन्न होतात आणि भक्तांच्या मनोकामना पूर्ण करतात. जीवनातील संकटांवर मात करण्यासाठी आणि अध्यात्मिक उन्नतीसाठी हा दिवस महत्त्वाचा आहे. वास्तूतील दोष कलह यांचा परिहार करण्यासाठी सर्व विघ्ने दूर होण्यासाठी सर्व रोग नाहीसे होऊन दीर्घ आयुष्य प्राप्त व्हावे यासाठी आणि विद्या लक्ष्मी प्राप्ती होण्यासाठी मनातील सर्व इच्छा आकांक्षा पूर्ण होण्यासाठी
| सामुग्री: | ||
| गणपती | हळकुंड 05 नग | पळी 01 नग |
| शंख | खडीसाखर 20 ग्रॅम | भांडे ( पंचपात्री ) 01 नग |
| घंटी | सुके खोबरे 02 नग | स्टिलची ताटे 02 नग |
| हळद 25 ग्रॅम | गुळ 250 ग्रॅम | समई 01 नग |
| कुंकू 25 ग्रॅम | पंचखाद्य 50 ग्रॅम | निरांजन ( तेलाचे व तुपाचे ) प्रत्येकी 01 नग |
| गुलाल 25 ग्रॅम | नारळ 04 नग | पंचामृत 01 वाटी |
| अभिर 25 ग्रॅम | तांदुळ 02 किलो | नैवेद्य पेढे पाव किलो |
| अष्टगंध 25 ग्रॅम | द्रोण 25 नग | |
| चंदन पावडर 25 ग्रॅम | पंचे 01 नग | |
| रांगोळी 250 ग्रॅम | ब्लाऊज पिस 02 नग | |
| गोमुत्र 01 बाटली | विविध प्रकारची सुवासीक फुले ½ किलो | |
| सुतगुंडी 01 नग | बेल पत्र 20 नग | |
| पंचरंगी धागा 01 नग | तुळस 01 जुडी | |
| अत्तर 01 बाटली | दुर्वा 02 जुडी | |
| जानवी जोड 02 जोड | फुलांचे हार 01 नग | |
| धुप 50 ग्रॅम | आंब्याचे डहाळे 02 नग | |
| माचिस 01 नग | गजरे 02 नग | |
| कापुर 20 ग्रॅम | वेण्या 01 नग | |
| तेल वाती 01 नग | विड्याची पाने 40 नग | |
| तुप वाती 01 नग | फळे 05 नग ( 01 संच ) | |
| तिळाचे तेल ½ लिटर | केळी 06 नग | |
| गुलाब पाणी 01 बाटली | गाईचे तुप 100 ग्रॅम | |
| गंगाजळ 01 बाटली | मध 01 बाटली | |
| अगरबत्ती 01 पुडा | चौरंग 01 नग | |
| मोठ्या सुपार्या 20 नग | पाट 01 नग | |
| बदाम 05 नग | आसने 03 नग | |
| खारिक 05 नग | ताम्ह्न 03 नग | |
| अक्रोड 05 नग | तांब्याचे तांबे 02 नग |
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